उन्नत चिकित्सा विज्ञान और प्रोस्थेटिक्स (Prosthetics)
प्रथम मंडल में अश्विनी कुमारों (देवताओं के चिकित्सक) को समर्पित कई सूक्त हैं जो हैरान करने वाले चिकित्सा विज्ञान की ओर इशारा करते हैं:
लौहे का पैर (कृत्रिम अंग): ऋग्वेद (1.116.15) में उल्लेख है कि 'खेल' राजा की पत्नी 'विश्पला' का पैर युद्ध में कट गया था। तब अश्विनी कुमारों ने रात ही रात में उन्हें लोहे का कृत्रिम पैर (लौह जंघा) लगा दिया ताकि वह फिर से चल सकें। यह विश्व इतिहास में प्रोस्थेटिक्स (कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण) का सबसे प्राचीन और अद्भुत संदर्भ है।
पुनर्यौवन (Rejuvenation): महर्षि च्यवन को वृद्धावस्था से पुनः युवावस्था प्रदान करने का वर्णन भी अश्विनी कुमारों के चिकित्सा कौशल के अद्भुत ज्ञान को दर्शाता है।