चांद - पृथ्वी का उपग्रह

 आयं गौः पृश्निरक्रमीत् असदन्मातरं पुरः । पितरं च प्रयन्त्स्वः ||


पृथिवी पूर्व की ओर घूमती है और सूर्य के चारों ओर आकाश में गति करती है ॥१॥


ऋग्वेदः १०.१८९.१, यजुर्वेदतैत्तिरीयसंहिता १.५.१.३-४


पृथ्वी का उपग्रह होने के नाते, चंद्रमा अपने मातृ ग्रह की परिक्रमा करता है तथा स्वयंप्रकाशमान पिता ग्रह (सूर्य) की परिक्रमा में उसका अनुसरण करता है।
सौरमंडल में कुल बत्तीस उपग्रह हैं। चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है जिसकी प्रकृति अलग है, जबकि अन्य सभी उपग्रहों का आकार उनके मातृ ग्रह, पृथ्वी के 1/8वें आकार से कम है। इसलिए यह सौरमंडल का एकमात्र उपग्रह है जो बहुत बड़ा है।



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