सूर्य - सौरमंडल का केंद्र

 मित्रो दाधार पृथिवीमुतद्याम् । मित्रः कृष्टीः ।   तैत्तिरीयसंहिता ३.४.१०.३-४


अर्थ - सूर्य ही पृथ्वी और आकाश मंडल को धारण करता है।  सूर्य सभी आकाशीय पिंडों को आकर्षित करने वाली शक्ति है



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